झूठा मुकदमा दर्ज करने पर पत्रकारो में आक्रोश, उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को सौपा ज्ञापन
नजीबाबाद: जौनपुर जनपद के वरिष्ठ पत्रकार तामीर हसन शिबू पर फर्जी मुकदमा दर्ज किए जाने के विरोध में पत्रकारों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस गंभीर प्रकरण को लेकर राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद (रजि.) जनपद बिजनौर इकाई ने जिलाधिकारी महोदया बिजनौर के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि पत्रकार तामीर हसन शिबू द्वारा जनहित में “होप फैमिली हॉस्पिटल” की अनियमितताओं को उजागर करते हुए एक समाचार प्रकाशित किया गया था, किंतु अस्पताल प्रबंधन और प्रभावशाली व्यक्तियों के दबाव में स्थानीय पुलिस ने उनके खिलाफ दमनात्मक धाराओं में फर्जी मुकदमा दर्ज कर दिया। राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र पर सीधा हमला करार देते हुए मामले को गंभीरता से लेने की अपील की है। ज्ञापन में प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच, पत्रकारों की सुरक्षा हेतु प्रदेश में स्थायी नीति लागू, पत्रकारों पर की जा रही पुलिसिया दमनात्मक कार्रवाइयों पर रोक, 18 जुलाई 2025 को दिए गए इस ज्ञापन में प्रमुख रूप मांग की गई है। ज्ञापन सौंपने में मुस्तकीम अहमद (जिला अध्यक्ष, राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद रजि.), डॉ. मुसिफुल हक, सतीश वर्मा, प्रियांशु जोशी, अर्पित वर्मा, संदीप जोशी, सलमान अहमद, संदीप उपाध्याय, बादशाह, और एबुजर सहित कई अन्य पत्रकार व सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे । ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री कार्यालय, प्रमुख सचिव (गृह), पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश और विभिन्न पत्रकार संगठनों को भी प्रेषित की गई है।पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र न्यायोचित कार्यवाही नहीं हुई, तो परिषद प्रदेशव्यापी लोकतांत्रिक संघर्ष का रास्ता अपनाने को विवश होगी।









