पानी पर बसी बस्ती बनी आग का शिकार, फिलीपींस में चार घंटे तक जलता रहा टापू
फिलीपींस के दक्षिणी क्षेत्र स्थित बोंगाओ टापू में लगी भीषण आग ने भारी तबाही मचा दी। आग की लपटों ने देखते ही देखते पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया और करीब 1000 घर जलकर राख हो गए, जबकि लगभग 5000 लोग बेघर हो गए हैं। आग की भयावहता ऐसी थी कि पूरा इलाका काले धुएं से ढक गया और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। बताया जा रहा है कि आग बारंगाय लामियन इलाके से शुरू हुई और तेज हवाओं के चलते तेजी से फैलती चली गई। इस टापू पर अधिकांश घर लकड़ी और नारियल के पत्तों से बने हुए थे, जिससे आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया। पानी के ऊपर बनी घनी बस्ती ने हालात को और भी गंभीर बना दिया। आग लगने के बाद दमकल विभाग को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। संकरे रास्तों और पानी के ऊपर बने घरों तक दमकल वाहनों का पहुंचना आसान नहीं था। करीब चार घंटे तक आग अपना कहर बरपाती रही, जिसके बाद देर रात लगभग 2 बजे आग पर काबू पाया जा सका। हालात बेकाबू होते देख प्रशासन ने लोगों को जमीन और समुद्र के रास्ते सुरक्षित बाहर निकाला। प्रभावित लोगों को दो अस्थायी राहत शिविरों में शरण दी गई है, जहां भोजन, पानी और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्यकर्मियों की टीमें भी मौके पर तैनात की गई हैं। बोंगाओ नगर आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन कार्यालय (MDRRMO) के अनुसार, इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, हालांकि लोगों का भारी सामान और जीवनभर की कमाई जलकर खाक हो गई। आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है और नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। भीषण आग ने एक बार फिर दिखा दिया कि घनी आबादी और अस्थायी संरचनाएं किसी भी आपदा को कितना भयावह बना सकती हैं।









