नामांकन खारिज होने से भड़के ग्रामीण, कुमाऊं कमिश्नर कार्यालय का किया घेराव का लगाया प्रशासन पर पक्षपात के आरोप
हल्द्वानी : ओखलकांडा ब्लॉक के बड़ौन क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए नामांकन खारिज होने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बचुली देवी का नामांकन रद्द होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने बुधवार को हल्द्वानी पहुंचकर कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत और एसएसपी कार्यालय का घेराव किया।
राज्य आंदोलनकारी एवं कांग्रेस नेता हरीश पनेरू के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में ग्रामीणों ने पुलिस और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पनेरू ने आरोप लगाया कि बचुली देवी ने नामांकन के दौरान सभी जरूरी दस्तावेज जमा किए थे, जिसकी रसीद रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा दी गई थी। लेकिन 10 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान दस्तावेज अधूरे बताकर उनका नामांकन रद्द कर दिया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि दबाव बनाए जाने पर पता चला कि बचुली देवी के कागजों में से कुछ दस्तावेज गायब कर दिए गए। साथ ही रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा महिला प्रत्याशी से अभद्र भाषा में बात की गई। इस संबंध में ग्रामीणों ने एसडीएम धारी और पुलिस से भी शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
जानकारी के मुताबिक, बड़ौन सीट से विधायक राम सिंह कैड़ा की पत्नी कमलेश कैड़ा भी प्रत्याशी हैं। उनके खिलाफ चार लोगों ने नामांकन किया था, जिनमें से तीन ने नाम वापस ले लिया। बचुली देवी ही एकमात्र उम्मीदवार थीं जो मैदान में डटी थीं, लेकिन उनका नामांकन रद्द होने से अब कमलेश कैड़ा का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की अपील की है।









