बलदेव सिंह की रिपोर्ट, भ्रष्टाचार का तहलका न्यूज़ चैनल रुद्रपुर। सिखों के नवम गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर रविवार को शहर में भव्य नगर कीर्तन का आयोजन किया गया। नगर कीर्तन श्री गुरुद्वारा साहिब गोल मार्केट से प्रारंभ होकर पांच मंदिर, काशीपुर बायपास, अग्रसेन चौक, महाराणा रणजीत सिंह चौक सहित विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः गुरुद्वारा गोल मार्केट पहुंचकर संपन्न हुआ।
नगर कीर्तन में पालकी साहब सबसे आगे विराजमान रहे और कीर्तन जत्थों द्वारा मधुर शबद-कीर्तन गाया जाता रहा। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने फूल बरसाकर नगर कीर्तन का स्वागत किया। बड़ी संख्या में सहजधारी संगत ने नगर कीर्तन में हिस्सा लेकर गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान को नमन किया।
कार्यक्रम में गुरुद्वारा गोल मार्केट एवं आवास विकास गुरुद्वारे की पालकी साहिब विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। सुखमनी सेवा समिति रुद्रपुर और आवास विकास जत्थेदारों ने शबद-कीर्तन प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय कर दिया।
इस अवसर पर पहुंचे उत्तराखंड युवा पंजाबी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष भारत भूषण चुघ ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी न केवल महान आध्यात्मिक पुरुष थे, बल्कि अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले साहसी योद्धा भी थे। उन्होंने कहा कि औरंगजेब के समय जब कश्मीरी पंडितों पर जबरन धर्मांतरण का दबाव डाला गया, तब गुरु तेग बहादुर जी मानवता और धर्म की रक्षा के लिए दीवार बनकर खड़े हुए। अपने सर्वोच्च बलिदान से उन्होंने सभी को सत्य, साहस और धर्म की राह पर चलने का संदेश दिया। चुघ ने युवाओं से ऐसे महान गुरुओं के जीवन से प्रेरणा लेने की अपील की।
कार्यक्रम में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान जोगेंद्र सिंह, गुरमीत गाबा, राम सिंह बेदी, सुरमुख सिंह विर्क, साहब सिंह विर्क, परविंदर सिंह, इंद्रजीत सिंह, अजीत सिंह, मंदीप सिंह, मंजीत सिंह, बलजीत गाबा, धमेंद्र सिंह, बिट्टू, ओमपाल कोली समेत सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।









