किच्छा। 10वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में आयुष एवं आयुष शिक्षा विभाग द्वारा सोमवार को ग्राम वीरू नगला स्थित विद्याश्री कॉलेज परिसर में आयुर्वेद संगोष्ठी एवं वृहद आयुर्वेदिक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। सुबह 11 बजे से शुरू हुए इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर चिकित्सीय सेवाओं का लाभ उठाया।
विशेषज्ञ आयुर्वेदिक चिकित्सकों ने मरीजों की जांच कर परामर्श दिया और निःशुल्क औषधियां भी वितरित कीं। संगोष्ठी में लोगों को रोगों की रोकथाम व उपचार में आयुर्वेद की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सीएमओ डॉ. के.के. अग्रवाल, छिनकी प्रधान पति हरीश खानवानी मौजूद रहे। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि “आयुर्वेद भारत की प्राचीन धरोहर है, इसे जीवनशैली में अपनाकर गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।” वहीं, हरीश खानवानी ने कहा कि ऐसे शिविर ग्रामीणों को सीधा लाभ पहुंचाते हैं।
शिविर में आए अतिथियों का स्वागत विद्याश्री कॉलेज के चेयरमैन राजकुमार फुटेला एवं यशराज फुटेला ने पौधे भेंटकर किया।
आयोजक जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. आलोक कुमार शुक्ला ने बताया कि शिविर का उद्देश्य ग्रामीण जनता को आयुर्वेद के प्रति जागरूक करना और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे शिविर आयोजित कर लोगों को लाभान्वित किया जाएगा।
कार्यक्रम में डॉ. पीके शर्मा, डॉ. हरिद्वार शुक्ला, डॉ. राकेश चिलाना, डॉ. मंजू मिश्रा, डॉ. ऋचा गंगवार, डॉ. सोनल, फार्मेसी अधिकारी राहुल पुरोहित, समाजसेवी अनिल अग्रवाल, राजेंद्र शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
👉 ग्रामीणों ने शिविर में स्वास्थ्य जांच कराकर राहत महसूस की और विभाग की पहल की सराहना की।









