फर्जी डिग्री पर नौकरी कर रहे प्रधानाध्यापक की सेवा समाप्त – शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई
रुद्रपुर।
शिक्षा विभाग ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी शैक्षिक अभिलेखों के आधार पर नौकरी कर रहे प्रधानाध्यापक को बर्खास्त कर दिया है। सितारगंज के राजकीय प्राथमिक विद्यालय विथा अकबर में तैनात प्रधानाध्यापक अनिल कुमार को डीईओ बेसिक हरेंद्र कुमार मिश्र ने सेवा से हटा दिया।
जानकारी के अनुसार, अनिल कुमार की नियुक्ति 3 फरवरी 1999 को प्राथमिक पाठशाला झिरगांव, देवाल (चमोली) में सहायक अध्यापक के पद पर हुई थी। बीटीसी की संदिग्ध अंकतालिका को लेकर शिकायत 12 दिसंबर 2024 को निदेशक प्राथमिक शिक्षा तक पहुंची। जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए – अंकतालिका का अनुक्रमांक और नाम तो मेल खाते मिले, लेकिन हस्ताक्षर संदिग्ध पाए गए और अंकतालिका के अंकों का मिलान बिल्कुल नहीं बैठा।
शिक्षा विभाग ने कई बार नोटिस भेजकर पक्ष रखने का अवसर दिया, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं मिला। इसके बाद 7 मई को अनिल कुमार को निलंबित कर दिया गया था। उप शिक्षा अधिकारी सितारगंज की जांच में बीटीसी प्रमाणपत्र पूरी तरह फर्जी साबित हुआ।
डीईओ बेसिक हरेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि फर्जी डिग्री और कूटरचित अभिलेखों पर नौकरी करना गंभीर अपराध है। अनिल कुमार की सेवा समाप्त कर दी गई है। विभागीय स्तर पर कई अन्य मामलों की जांच भी जारी है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद शिक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है। सूत्रों का कहना है कि कई और शिक्षक फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी कर रहे हैं, जिन पर अब गाज गिरना तय है।
हेडलाइन के लिए विकल्प:
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