वन विभाग की जमीन से रात-दिन निकल रहे खनन लेकर 100 से ज्यादा ट्रैक्टर- ट्रॉलियां, बिना पट्टा-रॉयल्टी लाखों का कारोबार, अधिकारीयों की मौज
रुद्रपुर। तराई केंद्रीय वन प्रभाग रुद्रपुर अंतर्गत बरैहनी रेंज और पीपल पड़ाव रेंज की सीमा से जुड़ी नदी क्षेत्र में इन दिनों अवैध खनन का बड़ा खेल खुलेआम चलने की चर्चाएं तेज हैं। सूत्रों के अनुसार वन विभाग की भूमि से बिना किसी वैध पट्टे और बिना रॉयल्टी के प्रतिदिन भारी मात्रा में रेत व मिट्टी का खनन किया जा रहा है। आपको बतादेकि दिनभर में 100 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉलियां नदी क्षेत्र से रेत और मिट्टी निकालकर विभिन्न स्थानों तक पहुंचाई जा रही हैं। पर्यावरण प्रेमी व लोक मानव विकास समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष बलदेव सिंह का कहना है कि जिस क्षेत्र में खनन हो रहा है वह वन विभाग की संवेदनशील भूमि मानी जाती है, जहां बिना विभागीय जानकारी के एक पत्ता तक नहीं हिल सकता। ऐसे में लगातार चल रहे इस कथित अवैध खनन ने विभागीय कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। की मानें तो हर दिन लाखों रुपये का अवैध कारोबार इस क्षेत्र में संचालित हो रहा है। दिन -रात ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही शुरू हो जाती है और देर रात तक नदी क्षेत्र में वाहनों की हलचल बनी रहती है। ग्रामीणो ने बताया की जब से यह रेंजर ने कार्यभार संभाल है तभी से खनन माफिया के हौसले बुलंद हुए है इससे पहले खनन नहीं होता था। पर्यावरण प्रेमी बलदेव सिंह ने कहा कि आखिर वन भूमि पर बिना अनुमति इतने बड़े स्तर पर खनन कार्य कैसे संचालित हो रहा है? यदि खनन अवैध है तो जिम्मेदार विभाग कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा, और यदि वैध है तो फिर पट्टा, रॉयल्टी और अनुमति से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक क्यों नहीं किए जा रहे पर्यावरण प्रेमी का कहना है कि लगातार हो रहे अवैध खनन से नदी का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ रहा है और आसपास के जंगलों व वन्यजीवों पर भी खतरा बढ़ता जा रहा है। भारी वाहनों की आवाजाही से ग्रामीण मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं।अब क्षेत्र में चर्चा इस बात की है कि क्या वन विभाग और प्रशासन इस कथित अवैध खनन पर कोई बड़ी कार्रवाई करेगा या फिर लाखों का यह खेल यूं ही चलता रहेगा।
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