देहरादून का घंटाघर बदलेगा स्वरूप, सौंदर्यीकरण की दिशा में कई योजनाएं उतरी धरातल पर
देहरादून। देहरादून को सुगम, सुरक्षित और आकर्षक शहर के रूप में विकसित करने के प्रयासों में जिलाधिकारी सविन बंसल जुटे हुए हैं। शहर के सौंदर्यीकरण की दिशा में कई योजनाएं धरातल पर उतर रही हैं। इसी क्रम में, देहरादून की पहचान और हृदय माने जाने वाले घंटाघर को एक नए, अलौकिक स्वरूप में संवारने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। जिलाधिकारी स्वयं कार्य की निरंतर मॉनिटरिंग कर रहे हैं और निर्माण में गति लाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दे रहे हैं। घंटाघर न केवल देहरादून जनपद बल्कि पूरे उत्तराखंड राज्य की ऐतिहासिक पहचान है। यही कारण है कि प्रशासन इसके कायाकल्प को लेकर गंभीर है। जिलाधिकारी की देखरेख में घंटाघर परिसर के भू-भाग को इस तरह विकसित किया जा रहा है कि यह न केवल देखने में भव्य लगे, बल्कि आने-जाने वालों को एक स्मरणीय और मनोहारी अनुभव भी प्रदान कर सके।प्रशासन का उद्देश्य है कि देहरादून आने वाला हर व्यक्ति ‘घंटाघर’ को शहर की धड़कन के रूप में याद रखे, और यहां की खूबसूरती उसकी स्मृतियों में बस जाए।









