तराई के जंगलों में घोटाले की गूंज! प्लॉट सफाई और जुताई के नाम पर करोड़ों का खेल
रुद्रपुर। तराई केंद्रीय वन प्रभाग की कई रेंजों से चौंकाने वाली जानकारी सामने आ रही है। सूत्रों के हवाले से पता चला है कि जंगलों में प्लॉट सफाई और जुताई के नाम पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। कागजों में कार्य पूर्ण दिखाकर सरकारी धन का खुला बंदरबांट किया गया है। सूत्रों द्वारा बताया जा रहा है कि जंगल में कई रेंजो में न तो प्लॉट की सही से सफाई हुई है और न ही नियम अनुसार जुताई का कार्य किया गया है। बावजूद इसके अधिकारियों द्वारा कार्यों को 100 प्रतिशत पूर्ण दर्शाते हुए बिल पास कर दिए गए।
बड़ा सवाल खड़ा: जब जमीनी हकीकत में काम अधूरा है, तो आखिर बिल शत-प्रतिशत कैसे पास हो गए? आधे-अधूरे कार्यों के बावजूद करोड़ों रुपये ठेकेदारों के खातों में कैसे ट्रांसफर करे जा रहें है।
क्या यह सब किसी बड़े अधिकारी के इशारे पर हो रहा है।
क्या विभागीय मिलीभगत से सरकारी धन को ठिकाने लगाया जा रहा है।
👉 सूत्रों का कहना है कि इस पूरे मामले में कई बड़े अधिकारी और ठेकेदार शामिल हैं, जिन्होंने मिलकर फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपये का गबन करने का प्रयास कर रहें है। वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सामाजिक संगठन अध्यक्ष एवं पर्यावरण प्रेमी बलदेव सिंह ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते इस घोटाले का खुलासा नहीं हुआ, तो सरकारी धन की लूट जारी रहेगी।
“भ्रष्टाचार का तहलका” की टीम इस घोटाले से जुड़े बड़े नामों का पर्दाफाश करेगी। इस मामले में शामिल भ्रष्ट अधिकारियों और ठेकेदारों का सच जनता के सामने लाया जाएगा।
👉 देखना न भूलें—बलदेव सिंह की स्पेशल रिपोर्ट, सिर्फ “भ्रष्टाचार का तहलका” में……..









