उधम सिंह नगर जिले की सीमा के अन्दर वन चौकियां बनीं ‘कैश काउंटर’ – ईमानदारी बिकी, वसूली पर लगी मुहर
ऊधम सिंह नगर जिला… यहाँ की सीमाएं अब कानून नहीं, नगदी के दम पर तय होती हैं। सितारगंज, किच्छा और रुद्रपुर की वन चौकियां आज भ्रष्टाचार की मंडियां बन चुकी हैं।
नगदी अंदर – गाड़ी पार, न रसीद… न पावती
हर दिन सैकड़ों गाड़ियां इन नाकों से गुजरती हैं। ड्राइवरों से 20, 50, 100 से लेकर 500 रुपए तक की वसूली की जाती है। सवाल उठता है – आखिर ये पैसा किस बात का? कोई नियम, कोई कानून, कोई जवाब नहीं। सिर्फ कैश की चमक और बेखौफ लूट।
एंट्री के नाम पर अवैध उगाही
कर्मचारी गाड़ियों से रकम वसूलते हैं, लेकिन रसीद कोई नहीं। हर ट्रक, हर पिकअप, हर छोटे-बड़े वाहन पर टैक्स जैसा अवैध खेल खेला जा रहा है। ये धंधा बिना संरक्षण के नामुमकिन है।
DFO–रेंजर गठजोड़ की मेहरबानी
सूत्र बताते हैं कि यह वसूली ‘सिस्टम’ बन चुकी है। DFO से लेकर रेंजर तक सब इस खेल में शामिल हैं। वरना इतना बड़ा भ्रष्टाचार खुलेआम कैसे फल-फूल सकता है
SDO की चुप्पी – भ्रष्टाचार का खाद-पानी
जिन्हें कार्रवाई करनी चाहिए, वही खामोश बैठे हैं। उनकी चुप्पी ही इन भ्रष्टाचारी कर्मचारियों को हिम्मत देती है।
जल्द… कैमरे में कैद होंगे वसूली के सबूत और वो चेहरे, जो वर्दी में रहकर ईमानदारी बेच रहे हैं।
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