रुद्रपुर/बाजपुर। रिवरडेल इंटरनेशनल स्कूल की रजत जयंती समारोह में शनिवार को महामहिम राज्यपाल ले. जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने शिरकत कर संस्थान को 25 वर्ष पूर्ण होने पर शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। हैलीपैड पर पहुंचने पर एसएसपी मणिकांत मिश्रा व सीडीओ दिवेश चाशनी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर राज्यपाल का स्वागत किया।
“रिवरडेल उत्कृष्टता की परंपरा, आधुनिक शिक्षा का भविष्य”—राज्यपाल
अपने प्रेरणादायी सम्बोधन में महामहिम ने कहा कि माँ सरस्वती की इस पवित्र भूमि में विद्यार्थियों के बीच आकर उन्हें अपार प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने विद्यालय की 25 वर्ष की यात्रा को उत्कृष्टता, अनुशासन, दूरदर्शिता और समर्पण का प्रेरक इतिहास बताया।
उन्होंने कहा कि छात्रों की प्रस्तुतियों—नर्सरी के नन्हों की मासूम अदाएँ, एलकेजी की रैटल ड्रिल, यूकेजी का पोम पोम शो, बटरफ्लाई डांस, चाइनीज डांस, हॉकी व फ्लावर ड्रिल और जिमनास्टिक—विद्यालय की संस्कृति और मेहनत का प्रतिबिंब हैं।
महामहिम ने अपने स्कूल जीवन को याद करते हुए कहा कि अनुशासन, समय का सम्मान और लक्ष्य के प्रति समर्पण—ये मूल्य हर छात्र के जीवन को मजबूत बनाते हैं और राष्ट्रप्रेम की भावना को जगाते हैं। उन्होंने कहा कि जनपद उधम सिंह नगर का नाम स्वयं वीरता और मातृभूमि प्रेम की प्रेरणा देता है।
“रिवरडेल सिर्फ स्कूल नहीं, भविष्य की प्रयोगशाला है”
राज्यपाल ने विद्यालय की आधुनिक सुविधाओं—सौर ऊर्जा संचालित परिसर, स्विमिंग पूल, ट्रैफिक पार्क, विशाल सभागार, एनसीसी इकाई, शूटिंग रेंज, रोबोटिक्स लैब, कंप्यूटर लैब, आधुनिक प्रयोगशालाएँ एवं वनस्पति उद्यान—की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह स्कूल उत्कृष्टता की परंपरा को आगे बढ़ा रहा है, जिसे एस. पूरन सिंह मेमोरियल एजुकेशनल एंड चैरिटेबल सोसायटी ने मजबूत किया है।
उन्होंने विद्यालय के संस्थापक विजन, संरक्षकों के प्रयास और जसबीर कौर के शिक्षा-सेवा योगदान की प्रशंसा की। साथ ही प्रथम राज्यपाल सुरजीत सिंह बरनाला द्वारा रखी गई आधारशिला का स्मरण कर कहा कि यह बीज आज वटवृक्ष बन चुका है।
छात्रों को तकनीकी युग में आगे बढ़ने का आह्वान
महामहिम ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और डिजिटल कौशल भविष्य की कुंजी हैं। नवाचार, उद्यमिता और नए विचार ही राष्ट्र को नई दिशा देंगे। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे वह पीढ़ी हैं जो भारत को वैश्विक नेतृत्व दिलाने की क्षमता रखती है।
शिक्षकों को राष्ट्रीय निर्माता बताया
राज्यपाल ने शिक्षकों को राष्ट्रनिर्माता बताते हुए कहा कि उनका व्यवहार और प्रेरणा विद्यार्थियों के जीवन की दिशा तय करती है। बदलते समय में नई तकनीक, नई शिक्षण विधियों और समग्र विकास पर ध्यान देना आवश्यक है।
“ऐसे सपने देखें जो भारत को आगे बढ़ाएँ”
समापन में उन्होंने विद्यार्थियों से कहा—
“सपने वही देखें जो आपके राज्य और राष्ट्र को आगे बढ़ाएँ। आप ही विकसित भारत और विश्व गुरु भारत का भविष्य हैं।”
कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं।
इस अवसर पर विद्यालय अध्यक्ष हरमिन्दर सिंह बरार, सचिव जेपी सिद्धू, प्रधानाचार्य परमीन कौर, पूर्व दर्जा मंत्री राजेश कुमार, हरेन्द्र सिंह लाडी, एडीएम पंकज उपाध्याय, एसडीएम डॉ. अमृता शर्मा, अभय प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में अभिभावक व छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।









