सरवती देवी मैमोरियल ट्रस्ट में डा. रेनू शरण के नेतृत्व में हुआ सामूहिक पूजन समारोह
भ्रष्टाचार का तहलका, संवाददाता हल्द्वानी। आस्था, प्रेम और अटूट समर्पण का प्रतीक पर्व ‘करवा चौथ’ शुक्रवार को हल्द्वानी सहित पूरे उत्तराखंड में पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। विवाहित महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र और दांपत्य सुख की मंगल कामना के लिए सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखकर अपनी अटूट श्रद्धा का परिचय दिया।
शहर के विभिन्न इलाकों में सुबह से ही करवा चौथ की रौनक देखने को मिली। बाजारों में पूजा की थालियाँ, साज-सज्जा का सामान और पारंपरिक वस्त्रों की खरीददारी से माहौल भक्तिमय रहा। लाल और सुनहरे रंग की साड़ियों में सजी महिलाएं दिनभर उत्साहपूर्वक तैयारियों में जुटी रहीं।
सरवती देवी मैमोरियल ट्रस्ट की अध्यक्ष डा. रेनू शरण के नेतृत्व में आयोजित सामूहिक पूजा कार्यक्रम इस पर्व का विशेष आकर्षण रहा। सामुदायिक केंद्र में सैकड़ों व्रती महिलाएं एकत्र हुईं, जिन्होंने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ करवा माता, भगवान शिव-पार्वती और गणेशजी की पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने एक-दूसरे के साथ पूजा की थालियाँ बदलीं और करवा चौथ की पौराणिक कथा का श्रवण किया।
डा. रेनू शरण ने कहा करवा चौथ सिर्फ एक व्रत नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति में रिश्तों के प्रति समर्पण और विश्वास का प्रतीक है। सामूहिक पूजा से जहां आस्था बढ़ती है, वहीं समाज में प्रेम और एकता का संदेश भी जाता है।
शाम ढलते ही महिलाओं ने सज-धज कर चाँद के दर्शन की प्रतीक्षा की। जैसे ही चाँद ने अपनी चाँदनी बिखेरी, छलनी से पति का मुख देखकर महिलाओं ने अर्घ्य अर्पित किया और उनके हाथों से जल ग्रहण कर व्रत पूर्ण किया।
पूरे शहर में उल्लास का वातावरण रहा। महिलाओं ने एक-दूसरे को करवा चौथ की शुभकामनाएं दीं और स्नेह व सौहार्द से भरे इस पर्व का समापन हर्षोल्लास के साथ हुआ।









