भ्रष्टाचार का तहलका न्यूज़।
किच्छा नगर में अवैध रूप से लग रहे फड़ और मंगल बाजार को लेकर व्यापारियों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। मंगलवार को देवभूमि व्यापार मंडल के नेतृत्व में व्यापारियों ने हाउस ऑफ हंगर में प्रेस वार्ता कर शासन–प्रशासन से एक ही मांग रखी— किच्छा में फड़ और मंगल बाजार को पूर्ण रूप से बंद किया जाए। प्रेस वार्ता में व्यापारियों ने बताया कि किच्छा नगर पालिका क्षेत्र में मंगलवार का तीसरा बाजार प्रधान मार्केट में लगाए जाने का प्रयास किया गया, जबकि यह स्थान नगर पालिका के सरकारी जीओ में शामिल नहीं है। प्रशासन द्वारा पहले इसे प्रधान मार्केट से हटाया गया था, लेकिन कुछ शरारती तत्वों ने बाजार को सड़क पर लगवा दिया। व्यापारियों का आरोप है कि यह मंगल बाजार प्रधान मार्केट से लेकर महाराणा प्रताप चौक तक दोनों ओर सड़क पर लगाया गया, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो गई। बावजूद इसके प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। व्यापारियों ने सवाल उठाया कि क्या यह बाजार किसी “सफेदपोश दबाव” में लगवाया जा रहा है? यदि ऐसा नहीं है तो अब तक इसे पूरी तरह बंद क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि किच्छा का व्यापारी हर प्रकार का टैक्स देता है, फिर भी प्रशासन को उनकी कोई चिंता नहीं है। प्रेस वार्ता में यह भी आरोप लगाया गया कि मंगल बाजार लगवाने वाले ठेकेदारों और नगर पालिका के अधिकारियों की मिलीभगत से यह अवैध बाजार संचालित हो रहा है। व्यापारियों ने रुद्रपुर का उदाहरण देते हुए मांग की कि जिस प्रकार वहां सड़क पर लगने वाले फड़ और बाजार बंद किए गए हैं, उसी तरह किच्छा में भी इन्हें समाप्त किया जाए। अंत में व्यापारियों ने कहा कि यदि प्रशासन फड़ और मंगल बाजार हटाने की कार्रवाई करता है तो किच्छा का समस्त व्यापारी वर्ग प्रशासनिक अधिकारियों का आभारी रहेगा। इस अवसर पर देवभूमि व्यापार मंडल अध्यक्ष विजय अरोड़ा, महामंत्री नितिन फुटेला, कार्यकारी जगरूप सिंह गोल्डी, सर्राफा व्यापारियों के अध्यक्ष राजेंद्र वर्मा, रेडीमेड यूनियन अध्यक्ष केशव लोहिया, अमित नारंग, कपड़ा व्यापारी जनरल मर्चेंट यूनियन कार्यकारी महामंत्री संदीप मलिक सहित राधेश्याम अरोड़ा, सन्नी सिडाना, गोविंद राम अरोड़ा, सिराज भाई, नितिन अरोड़ा, वसीम भाई, दिलीप अरोड़ा, चंदन गुप्ता, सनी पांडे, नवाब, कामिल भाई समेत बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।









