विशेष संवाददाता, भ्रष्टाचार का तहलका न्यूज़।
देहरादून। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसने के लिए विजिलेंस की टीम एक्शन मोड में है। शनिवार को विजिलेंस सेक्टर हल्द्वानी की टीम ने रिश्वतखोरी के मामले में बड़ा धमाका करते हुए वन विभाग के दो कर्मियों को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
सूत्रों के मुताबिक, यह रिश्वत लकड़ी छोड़ने के एवज में मांगी जा रही थी। विजिलेंस की इस कार्रवाई के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, विजिलेंस निदेशक वी. मुरुगेशन को शिकायत मिली थी कि मस्टा वन बैरियर पर तैनात फॉरेस्ट गार्ड दीपक जोशी (निवासी ग्राम लटोली, चंपावत) और भुवन चंद्र भट्ट (निवासी जूप वार्ड, एमईएस कैंप) लकड़ी छोड़ने के बदले अवैध वसूली कर रहे हैं।
शिकायत की पुष्टि होते ही हल्द्वानी सेक्टर के पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में ट्रैप टीम गठित की गई। शनिवार को जैसे ही शिकायतकर्ता ने दोनों गार्डों को 20 हजार रुपये सौंपे, विजिलेंस टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों को रिश्वत की रकम के साथ दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद टीम ने आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। दोनों की चल-अचल संपत्तियों की जांच की जा रही है।
👉 विजिलेंस निदेशक की अपील-
विजिलेंस निदेशक वी. मुरुगेशन ने कहा कि अगर किसी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगी जाती है या आय से अधिक संपत्ति अर्जित की गई है, तो नागरिक सीधे विजिलेंस हेल्पलाइन 1064 या वॉट्सएप नंबर 9456592300 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।









