CMO के आदेश की खुली धज्जियाँ – MCC हॉस्पिटल दौराहा हादसों के बाद भी धड़ल्ले से चालू
रुद्रपुर/बाजपुर। उधमसिंह नगर जिले में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और मिलीभगत एक बार फिर उजागर हो गई है। MCC हॉस्पिटल दौराहा बाजपुर को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने तीन दिन के भीतर बंद करने का आदेश दिया था, लेकिन आज तक यह अस्पताल धड़ल्ले से चल रहा है।
मौत का सौदागर बना MCC हॉस्पिटल
जांच रिपोर्ट में साफ लिखा गया कि हॉस्पिटल में अनधिकृत महिला जुबैदा ने बिना डिग्री मरीज का इलाज किया, जिसके चलते नसरीन नामक महिला की मौत हो गई। इसके बाद CMO ने पंजीकरण प्रमाणपत्र (CEA/85/2018) निरस्त कर संचालन रोकने का आदेश दिया है
लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि हादसे के बावजूद अस्पताल सील नहीं किया गया और वहां आज भी मरीजों का इलाज हो रहा है।
आदेशों की अनदेखी, जिम्मेदारों की मिलीभगत शंका
स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग की मिलीभगत से ही MCC जैसे डग्गामार हॉस्पिटल चालू हैं। “अगर आम आदमी किसी नियम का उल्लंघन करे तो तुरंत कार्रवाई होती है, लेकिन मौत के बाद भी यह अस्पताल खुलेआम चल रहा है।” – लोगों का आरोप।
सीलिंग की कार्रवाई अधर में
CMO ने तीन दिन की मोहलत देकर अस्पताल बंद कराने और प्रमाणपत्र की मूल प्रति जमा कराने का आदेश दिया था। आदेश की प्रतिलिपि एसडीएम बाजपुर और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक उप-जिला चिकित्सालय बाजपुर को भी भेजी गई थी ताकि समय पर अस्पताल सील हो। लेकिन हकीकत यह है कि किसी अधिकारी ने मौके पर जाकर कार्रवाई नहीं की।
जनता में आक्रोश – स्वास्थ्य विभाग पर उठ रहें सवाल
गांव-गांव में चर्चा है कि जब MCC हॉस्पिटल जैसी लापरवाहियों से मौत हो चुकी है, तब भी कार्रवाई ढीली क्यों है? लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या विभाग सिर्फ आदेश जारी करने तक ही सीमित है?









