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सुरेंद्र सिंह चौहान : उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में टूटी सड़कों से हाहाकारज, नता परेशान, नेताओं को परवाह नहीं – विधायक निधि का भी रहस्य

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उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में टूटी सड़कों से हाहाकारज, नता परेशान, नेताओं को परवाह नहीं – विधायक निधि का भी रहस्य

सुरेंद्र सिंह चौहान, संवाददाता, जसपुर

जसपुर (ऊधम सिंह नगर)। जसपुर क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में सड़कों की हालत इतनी बदतर हो चुकी है कि बरसात के मौसम में इन पर निकलना लोगों के लिए किसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं है। आलम यह है कि क्षेत्रीय विधायक आदेश चौहान के घर से महज़ डेढ़ से दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम वीरपुरी की नहर पटरी पर बनी करीब एक किलोमीटर लंबी सड़क कबाड़ में तब्दील हो चुकी है। जगह-जगह एक-एक फुट गहरे गड्ढे और कीचड़ से पटी सड़क पर चलना लोगों के लिए रोज़मर्रा की चुनौती बन चुका है।

ग्राम मजरा से मंडावा खेड़ा और ग्राम हमीरावाला से बहादुरपुर होकर नेशनल हाईवे 74 को जोड़ने वाली सड़कों की हालत भी किसी से छिपी नहीं है। दोनों ही सड़कों पर इतने गहरे गड्ढे हैं कि वाहन चालक जान जोखिम में डालकर इन पर सफर करने को मजबूर हैं।

विकास का ढोल, धरातल पर सन्नाटा
जनता सवाल कर रही है कि आखिर विकास का पैसा जा कहां रहा है? क्षेत्र की जनता की गाढ़ी कमाई सरकारी योजनाओं और नेताओं की जेब में समा रही है, लेकिन धरातल पर विकास शून्य दिखाई देता है। आश्चर्य की बात यह है कि कुछ ही समय पहले विधायक आदेश चौहान ने क्षेत्र पंचायत सदस्यों और जिला पंचायत सदस्यों को सम्मानित करते हुए कहा था कि “विधायक निधि बची हुई है, कोई भी काम करना हो तो इसका इस्तेमाल करें।”

अब बड़ा सवाल यह है कि जब निधि बची हुई है तो आखिर इन जर्जर सड़कों की मरम्मत क्यों नहीं कराई जा रही, क्या जनता को सिर्फ़ चुनावी समय पर ही याद किया जायेगा

चुनिंदा जगहों पर ही विकास
ग्रामीणों का आरोप है कि विकास सिर्फ वहीं हुआ है जहां विधायक जी की अपनी ज़मीन-जायदाद या उनके नज़दीकी लोगों की संपत्तियां हैं। बाक़ी गांवों की हालत जस की तस बनी हुई है। ऐसे में यह सोचने पर मजबूर होना पड़ता है कि जब विधायक जी के घर के आसपास ही सड़कों का यह हाल है, तो दूरदराज़ के गांवों की स्थिति का अंदाज़ा सहज ही लगाया जा सकता है।

जनता का सवाल – कब सुधरेंगी सड़कें
ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही सड़क निर्माण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में बड़े आंदोलन की तैयारी होगी। अब देखना यह है कि विधायक जी लोक निर्माण विभाग को इन सड़कों के निर्माण/मरम्मत का आदेश देते हैं या फिर जनता को यूं ही कीचड़ और गड्ढों में धकेला जाता रहेगा।

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