बलदेव सिंह की रिपोर्ट: भ्रष्टाचार का तहलका न्यूज़।
उधम सिंह नगर में हाईवे अब सफर नहीं, “सड़क पर खुलेआम चल रही मौत की मंडी” का मैदान बन चुके हैं! किच्छा–बहेड़ी–रुद्रपुर मुख्य मार्गों पर थ्री व्हीलर व ई-रिक्शा सवारियों से ठूंस-ठूंसकर हर दिन मौत को दावत दे रहे हैं—और सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर किसकी मेहरबानी से यह खतरनाक खेल जारी है।
सैकड़ों ज़िंदगियों को हर दिन जोखिम में डाल रहा अवैध यातायात तंत्र
ऊधम सिंह नगर जिले के आंतरिक, राज्य व राष्ट्रीय मार्गों पर नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
जहां ड्राइवर सीट पर सिर्फ 1 व्यक्ति की अनुमति, वहां 3-4 लोग बैठाकर वाहन दौड़ाए जा रहे हैं।
पीछे की सीट पर भी सवारियां ठूंस-ठूंस कर भरी जाती हैं, और हाईवे पर दौड़ ऐसे लगाई जाती है जैसे मौत के साथ रेस हो!
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन, परिवहन विभाग और पुलिस को सब पता होते हुए भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही — तो क्या कहीं “मिलीभगत” का खेल तो नहीं चल रहा।
बड़ा सवाल उठता है…
✔ बिना फिटनेस
✔ बिना परमिट
✔ बिना सुरक्षा मानकों
फिर भी ये वाहन हाईवे पर फर्राटा भर रहे हैं — कौन दिला रहा है इन वाहनों को खुली छूट?
क्या मासिक वसूली, सेटिंग-गेटिंग और विभागीय संरक्षण के बिना इतनी बड़ी संख्या में यह अवैध यातायात संभव है?
💥 “दुर्घटनाओं से सबक कब लेगा विभाग?”
जिले में पिछले वर्षों में हुए दर्जनों बड़े हादसे यह साबित कर चुके हैं कि हाईवे पर यह अवैध सवारी वाहन मौत के सौदागर बन चुके हैं।
फिर भी परिवहन विभाग की चेकिंग महज़ औपचारिकता बनकर रह गई है।
समाजसेवीयों में गुस्सा है—
“हादसे के बाद रोने से बेहतर है हादसा रोकना… पर विभाग आँखें बंद किए बैठा है!”
धमाकेदार खुलासा… अगली रिपोर्ट और बड़ा भंडाफोड़ करेगी!









